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वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाए जाने की घोषणा के तहत उत्तरकाशी में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। 8 मार्च, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, राज्य के सहकारिता मंत्री धनसिंह रावत की उपस्थिति में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देहरादून में सहकारिता मंत्री द्वारा ‘अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025’ वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया गया।
उत्तरकाशी में जिला सहकारी बैंक के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सहकारिता से जुड़कर अपने आर्थिक जीवन को सुधारने के लिए प्रेरित करना था। निबन्धक सहकारी समितियों उत्तराखंड के निर्देशानुसार, एक दिवसीय इस कार्यक्रम में महिलाओं को सहकारिता विभाग की प्रमुख योजनाओं जैसे दीन दयाल उपाध्याय कृषक कल्याण ब्याज रहित ऋण योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, और अन्य कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
सहकारी बैंक के सचिव मुकेश माहेश्वरी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस संदर्भ में उत्तरकाशी जनपद में विभिन्न शाखाओं द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में राज राजेश्वरी महिला समूह की अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी ने सहकारिता विभाग और जिला सहकारी बैंक की योजनाओं से जुड़कर महिलाओं द्वारा किए गए सकारात्मक बदलावों के बारे में बताया। इसी तरह, विनायक महिला समूह की अध्यक्ष पुष्पा देवी ने शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर अपने व्यवसाय में हुई सफलता की कहानी साझा की।
इसके अलावा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक गुरुविंदर सिंह आहूजा ने कृषक उत्पादक समूह, एमएसएमई और अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी दी, जबकि डेयरी विभाग के सहायक निदेशक पियूष आर्य ने महिलाओं को डेयरी व्यवसाय में जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उद्योग विभाग के प्रबंधक दीपेश चौधरी ने महिलाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से जुड़कर अपने व्यवसाय शुरू करने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम ने उत्तरकाशी की महिलाओं को सहकारिता के माध्यम से अपने जीवन को सशक्त बनाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
Reported By: Gopal Nautiyal