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क्राइम पेट्रोल: उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव ने वित्त वर्ष 2024-25 के जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए 2025-26 के अभियान की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समस्त जनपदों से जल संरक्षण कार्यों की फीडबैक लेने के बाद आगामी अभियान के लिए विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि 10 दिनों के भीतर जनपदीय सारा (स्प्रिंग हैंड एंड रिवर रिजुवनेशन एजेंसी) कमेटियों की बैठक आयोजित की जाए और आगामी बैठक में प्रस्तावों एवं सुझावों सहित कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। इसके साथ ही केंद्रीय जल संरक्षण बोर्ड, NIH और आईआईटी रुड़की जैसे संस्थानों से तकनीकी मार्गदर्शन लेने की बात भी कही।
अपर मुख्य सचिव ने जल स्रोतों और जल निकायों के पुनर्जीवन के कार्यों में बेहतर इम्प्लीमेंटेशन सुनिश्चित करने के लिए शैक्षणिक, तकनीकी संस्थानों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता को जुड़ने का निर्देश दिया। इसके अलावा, जल निकायों और अमृत सरोवरों का पुनः सर्वेक्षण करने और सुधार के प्रस्ताव बनाने की बात कही।
इस दौरान राज्य स्तर की कमेटी की कार्यकारी अधिकारी नीना ग्रेवाल ने जल संरक्षण अभियान 2025-26 की कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस योजना में ‘धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा’ थीम के तहत जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। जल स्रोतों के आंकड़ों का संग्रहण भगीरथ एप के माध्यम से किया जाएगा, जिससे नागरिक अपने गांव के जल स्रोतों की सूचना भेज सकेंगे।
अगले चरण में सारा द्वारा 2000 जल स्रोतों के जल संरक्षण क्षेत्र की पहचान की जाएगी, और पंचायती राज विभाग के सहयोग से 200 ग्राम पंचायतों में जलसंसाधन प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में केंद्रीय भूजल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक प्रशांत राय, सारा स्टेट सेंटर के उपनिदेशक एन एस बर्फाल, और अन्य प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित थे।