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हरिद्वार में शनीश्चरी अमावस्या के दौरान यातायात व्यवस्था की खस्ता हालत ने यात्रियों को जाम में फंसा दिया, जिससे ये सवाल उठने लगे हैं कि आगामी चार धाम यात्रा के दौरान क्या हाल होगा। शहर की सड़कें, चौराहे और बैटरी रिक्शाओं की अव्यवस्थित संख्या यातायात को ठप कर देती हैं। पुलिस की लचर व्यवस्था और अफसरशाही की अनदेखी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है।
पूर्व सांसद और मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और वर्तमान सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। स्थानीय निकायों के भाजपा नेतृत्व ने भी शहर के विकास की घोषणाएं तो की थीं, लेकिन सड़कों और नालियों की हालत बदतर है। अतिक्रमण और गड्ढों की स्थिति ने हरिद्वार को संकट में डाल दिया है, जिससे इस प्रसिद्ध तीर्थ स्थल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सभी राजनीतिक दल और धार्मिक संस्थाएं मौन हैं, और अब समय आ गया है कि युवा नेतृत्व इस शहर के विकास के लिए आगे बढ़े। हरिद्वार की स्थिति सुधारने के लिए अब किसी भगीरथ प्रयास की आवश्यकता है।
Reported By: Ramesh Khanna