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67वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में डॉ. नरेश बंसल का प्रभावशाली योगदान, भारत की विकास गाथा रखी

सम्मेलन का अनुभव और वैश्विक एकता का संदेश

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राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष डॉ. नरेश बंसल ने 67वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में हिस्सा लिया और विभिन्न विषयों पर आयोजित कार्यशालाओं में भारत की प्रगति और सरकार की योजनाओं पर जोर दिया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है और नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का स्तर लगातार ऊँचा हो रहा है।

महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा पर जोर

  • डॉ. बंसल ने सम्मेलन में महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण, और मानव तस्करी की रोकथाम के प्रयासों पर भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार महिलाओं के खिलाफ हिंसा और भेदभाव को समाप्त करने के लिए कई योजनाएँ चला रही है।
  • सभी धर्मों का सम्मान और नव भारत निर्माण के संकल्प के साथ, 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला।

कामनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन के चुनाव में भारत का प्रतिनिधित्व

  • डॉ. नरेश बंसल ने सिडनी में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के चुनाव में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
  • नई कार्यकारिणी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को भारत की ओर से शुभकामनाएँ और स्मृति चिन्ह भेंट किए।

सम्मेलन का अनुभव और वैश्विक एकता का संदेश

  • डॉ. बंसल ने सम्मेलन में 56 देशों के प्रतिनिधिमंडल के साथ विभिन्न समसामयिक जनहित के मुद्दों पर चर्चा को एक सुखद अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि एकता में ही शक्ति है और इस प्रकार की चर्चाओं से भविष्य में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
  • उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने के अवसर के लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और आस्ट्रेलिया से अपने संदेश में सम्मेलन को भारत की लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का एक मजबूत उदाहरण बताया।

यह सहभागिता न केवल भारत की वैश्विक मंच पर सशक्त उपस्थिति को दर्शाती है, बल्कि देश की तेजी से उभरती प्रगति और समावेशी विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी उजागर करती है।

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