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एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने इंदौर में स्वछता को देखते हुए अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा की इंदौर में एक कार्यक्रम में शिरकत की। लंच की समाप्ति पर प्लेट कलेक्शन काउंटर पर नजर पड़ी। आप भी देखिए की किस तरह खाना खाने के बाद काउंटर पर तैनात स्टाफ चार सूत्रीय सेग्रीगेशन कर रहे हैं। एक सेक्शन में प्लेट, दूसरे में कटोरी/बोल, तीसरे में चम्मच और चौथे में बचा हुआ फूड वेस्ट। इस बचे हुए खाने से जिस कन्वेंशन हॉल में हमारा कार्यक्रम हुआ, वो खाद बनाने का काम करते हैं। इसकी तुलना में देहरादून या उत्तराखंड के किसी भी शादी, ब्याह या सामाजिक कार्यक्रम को याद कीजिए l खाना खाने के पश्चात हमारी प्लेट और बचे हुए खाने को हम एक बड़े डस्टबिन में डाल देते हैं और कहीं कोई सेग्रीगेशन नहीं होता l बात छोटी है लेकिन बड़ा संदेश देती है। काश हमारे उत्तराखंड के कैटरर और वेडिंग पॉइंट भी इस सिस्टम को शुरू करते।
वीडियो देखने के बाद बताइएगा आपको विचार कैसा लगा
Reported By: Shiv Narayan