हरिद्वार में आज महाशिवरात्रि पर्व मनाया जा रहा है। हरकी पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर श्रद्धालु महाशिवरात्रि का स्नान कर रहे हैं। कुंभ अर्धकुंभ के दौरान महाशिवरात्रि का स्नान मुख्य स्नान पर्वों में शामिल रहता है। हरिद्वार से कांवड़ में ले जाया गया जल भी आज कांवड़िए अपने शिवालयों में चढ़ाएंगे।
पौराणिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आज बुधवार को दिन में 11 बजकर आठ मिनट से शुरू होकर गुरुवार को सुबह आठ बजकर 54 मिनट तक रहेगी।
महाशिवरात्रि में रात्रि के पूजन का विधान है, इसलिए बुधवार को रात में महादेव का पूजन किया जाएगा। सुबह छह बजकर 47 बजे से सुबह नौ बजकर 42 बजे तक जल चढ़ाया जा सकता है। इसके बाद मध्यान्ह काल में भी 11 बजकर छह बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 बजे तक जल चढ़ाया जा सकता है। दोपहर तीन बजकर 25 बजे से शाम छह बजकर आठ बजे तक भी जलाभिषेक किया जा सकता है। आखिरी मुहूर्त रात में आठ बजकर 54 मिनट पर शुरू होगा। जलाभिषेक के लिए हरिद्वार के विभिन्न शिवालयों में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ है। हरिद्वार के पौराणिक कनखल स्थित नीलेश्वर महादेव, दक्षेश्वर महादेव मंदिर व बिल्वेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रृद्धालुओं की कतारें देखी गई।
Reported By: Ramesh Khanna